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कपडालत्ता
खानपान की आदत के अनुसार हमारे कपडों की जीवनशैली भी बदलने लगती है| यौवन के दौरान हम जो तंग कपडे पहनते थे उनके स्थानपर अब ढीले कपडे पहनना हम शुरु करते है | भडकीले रंगों को छोडकर हम शांत रंग को ज्यादा पसंद करने लगते है | पांव मे शूज की जगह पतली चपलें आजाती है | टाई तथा मोजे साथ छोड देते है | बाहर के कपडे और घर के कपडे इनके बीचकी सीमारेखा धुंदली होने लगती है | संक्षेप मे कहा जाये तो कपडों के विषय मे हम अधिक रूप से सात्विक बन जाते है |
   
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