भाषा का चयन करे: हिंदी | मराठी
होम  |   हम हमारे लिये  |  सहाय्य  |  बाहरी संदर्भ
खानपान
यौवन मे हमारी खानपान की जो आदतें होती है वे धीरे धीरे बदलना आवश्क हो जाता है | यौवन मे शरीर साथ देता है, जेबमे पैसा होता है तो हम अपनी मर्जी के अनुसार अपना खानपान करते है | बढती उम्र के साथ साथ चाहे हमारे जेब मे पैसा हो तो भी धीरे धीरे हमे अपनी खानपान की आदतों मे बदलाव करना ही पडता है | जो खाद्य हमे बहुत पसंद है लेकिन हाजमे के हिसाबसे जो सही नही है तो उनका सेवन हमे कम करना पडता है तथा जो चीजें हमे नही भाती उनका सेवन करने की नौबत आजाती है | हमारे खानेपीने का समय भी निर्धारित करना पडता है | हमारा भोजन तामसी न होते हुए सात्विक बनने लगता है | फल और सब्जियां बढ जाती है तो जंक फूड का सेवन धीरे धीरे घटने लगता है | ज्यादातर लोगों का मद्यपान भी कम करना पडता है |
   
<< >>
उपरोक्त विषय में अधिक मदद / जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे

Disclaimer | Privacy Policy
Contents, creation and hosting by © 2018, The Abweb